ग्राम पंचायत शेखपुरा के सफाई कर्मी सूरज चक्रवर्ती अपने कर्तव्य के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता की एक मिसाल पेश कर रहे हैं। उन्होंने स्वच्छता को लेकर ग्रामीणों में नई चेतना जगाई है। गांव-गांव जाकर वे लोगों को साफ-सफाई के महत्व और प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक कर रहे हैं।
सूरज ने गांव में एक अनोखी पहल की शुरुआत की है — वे ग्रामीणों से प्लास्टिक कचरा एकत्र कर उसे बेचते हैं और उस पैसे को पंचायत कोष में जमा करते हैं। इससे न केवल गांव स्वच्छ बना रहता है बल्कि पंचायत को आर्थिक रूप से भी लाभ होता है।
सूरज चक्रवर्ती की यह पहल प्रेरणादायक है। यदि हर गांव में ऐसा ही प्रयास हो तो स्वच्छ भारत अभियान को बल मिलेगा और गांवों की तस्वीर बदलेगी।
पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने सूरज की इस जागरूकता मुहिम की खुलकर सराहना की है। यह पहल दर्शाती है कि यदि नीयत साफ हो और इरादा पक्का हो तो एक सफाई कर्मी भी समाज में बड़ा परिवर्तन ला सकता है।
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