उत्तर प्रदेश के इटावा स्थित Etawah Lion Safari से वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक बेहद सुखद खबर सामने आई है। यहां एशियाई शेरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हाल ही में सफारी की शेरनी नीरजा ने अपने तीसरे प्रसव में चार स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है, जिससे सफारी प्रशासन और वन्यजीव प्रेमियों में खुशी की लहर है।
जानकारी के अनुसार, नीरजा शेरनी पहले भी दो बार शावकों को जन्म दे चुकी है। पहली बार उसने दो और दूसरी बार तीन शावकों को जन्म दिया था। इस तरह अब उसके कुल नौ शावक इस सफारी में स्वस्थ रूप से पल-बढ़ रहे हैं। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक सभी शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनकी देखभाल विशेषज्ञों की निगरानी में की जा रही है।
इटावा लायन सफारी की शुरुआत एशियाई शेरों के संरक्षण और उनकी संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से की गई थी। अब लगातार हो रहे सफल प्रजनन से यह साबित हो रहा है कि सफारी का वातावरण शेरों के लिए अनुकूल है। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहलें जैव विविधता को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाती हैं।
सफारी से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की कड़ी मेहनत और समर्पण का ही परिणाम है कि यहां शेरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सभी कर्मचारियों की इस उपलब्धि के लिए सराहना की जा रही है और उन्हें आगे भी इसी तरह काम करते रहने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि प्रकृति के संतुलन में हर जीव का अपना विशेष महत्व होता है। शेर जैसे शीर्ष शिकारी जंगल के पारिस्थितिक तंत्र को संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में वन्यजीवों के संरक्षण के लिए सकारात्मक सोच और योजनाबद्ध प्रयास बेहद जरूरी हैं।
इटावा लायन सफारी में नीरजा के चार नए शावकों के जन्म से न केवल सफारी की शोभा बढ़ी है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों को भी नई सफलता मिली है।
