बस्ती। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने इलाज का बहाना बनाकर जन सेवा केंद्र (सीएसपी) संचालक से 50,950 रुपये की ठगी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई साइबर मुख्यालय लखनऊ के निर्देश पर चलाए जा रहे 'साइबर वज्र' अभियान के तहत की गई। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन, दो मोहरें और 1,000 रुपये नकद बरामद किए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विकास चौधरी उर्फ कार्तिक, राज यादव और महेंद्र चौधरी उर्फ सत्या के रूप में हुई है। पुलिस ने तीनों को मंगलवार सुबह करीब 9 बजे अमहट पुल से फोरलेन जाने वाली सड़क से गिरफ्तार किया। मामले में नामजद चौथे आरोपी अभिजीत शर्मा की तलाश जारी है।
शिकायतकर्ता संदीप वर्मा, जो जिनवा चौराहे पर जन सेवा केंद्र संचालित करते हैं, ने पुलिस को बताया कि 25 और 27 अप्रैल 2026 को आरोपियों ने इलाज के लिए तत्काल पैसों की जरूरत होने की बात कहकर उनके बिजनेस क्यूआर कोड पर ऑनलाइन भुगतान करने का दावा किया। भुगतान सफल होने का भरोसा दिलाकर उन्होंने कुल 50,950 रुपये नकद ले लिए। बाद में पता चला कि संबंधित धनराशि बैंक द्वारा होल्ड कर दी गई थी और खाते में जमा नहीं हुई।
घटना के बाद संदीप वर्मा ने सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों की मदद से आरोपियों की पहचान की और साइबर क्राइम थाना में मुकदमा दर्ज कराया।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि ठगी से प्राप्त रकम उन्होंने सीएसपी के माध्यम से नकद निकलवाई और आपस में बांट ली।
क्षेत्राधिकारी सदर सत्येंद्र भूषण तिवारी ने मंगलवार को आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि साइबर अपराधों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी ऑनलाइन भुगतान या क्यूआर कोड के माध्यम से लेनदेन स्वीकार करने से पहले बैंक खाते में राशि प्राप्त होने की पुष्टि अवश्य करें। किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की सूचना तत्काल साइबर पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
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