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| बिना जांच न करें सेवन और बिक्री, अफवाहों से बचने की अपील |
बस्ती, 4 सितंबर 2026। नेपाल में आई बाढ़ और अत्यधिक वर्षा के बाद नदियों के जलस्तर में वृद्धि एवं जल के तेज प्रवाह के बीच बस्ती मंडल की नदियों और जलक्षेत्रों में अज्ञात अथवा असामान्य मछलियां मिलने की सूचनाओं को देखते हुए मत्स्य विभाग ने जनसामान्य और मछुआ समुदाय के लिए एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने ऐसी मछलियों की वैज्ञानिक पहचान और खाद्य-सुरक्षा जांच पूरी होने तक उनका सेवन अथवा बिक्री नहीं करने की सलाह दी है।
कार्यालय उप निदेशक मत्स्य, बस्ती मंडल की ओर से जारी सूचना के अनुसार नेपाल में उत्पन्न प्राकृतिक आपदा एवं अत्यधिक वर्षा के फलस्वरूप नदियों के जलस्तर में वृद्धि और बाढ़ की स्थिति बनी है। इसके चलते बस्ती मंडल की घाघरा, कुआनो, राप्ती, आमी, मनोरमा/मनवर एवं अन्य संबंधित नदियों तथा जलक्षेत्रों में पानी का तेज प्रवाह एवं फैलाव हुआ है। इस दौरान कुछ क्षेत्रों से सामान्यतः कम दिखाई देने वाली अथवा अज्ञात-असामान्य मछलियां मिलने की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं।
केवल देखकर प्रजाति तय करना संभव नहीं
विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्राप्त सूचनाओं में कुछ मछलियों को गेहूं/गोइटा अथवा कैटफिश वर्ग की मछली बताया जा रहा है। हालांकि किसी भी मछली की प्रजाति की वैज्ञानिक पहचान केवल उसके बाहरी स्वरूप के आधार पर सुनिश्चित नहीं की जा सकती। संबंधित नमूनों की विशेषताओं के वैज्ञानिक अध्ययन एवं आवश्यक परीक्षण के बाद ही अंतिम पहचान संभव है।
विभाग ने लोगों से अपील की है कि वैज्ञानिक जांच के बिना किसी मछली के संबंध में सोशल मीडिया या व्हाट्सएप पर भ्रामक अथवा सनसनीखेज संदेश प्रसारित न करें।
अज्ञात मछली न खाएं, न बाजार में बेचें
जनस्वास्थ्य को देखते हुए विभाग ने कहा है कि बाढ़ के पानी से प्राप्त अज्ञात अथवा असामान्य मछलियों का वैज्ञानिक पहचान एवं खाद्य-सुरक्षा जांच पूरी होने तक सेवन न किया जाए। ऐसी मछलियों को सामान्य मछलियों के साथ मिलाकर बाजार में न बेचें और न ही परिजनों को खाने के लिए दें।
अज्ञात मछली मिलने पर उसे फेंकने या बेचने के बजाय निकटतम मत्स्य अधिकारी अथवा मत्स्य निरीक्षक को इसकी सूचना देने की सलाह दी गई है, जिससे नमूने का वैज्ञानिक परीक्षण कराया जा सके।
मृत और सड़ी-गली मछलियों से भी रहें दूर
विभाग ने बाढ़ के पानी में बहकर आई मृत अथवा सड़ी-गली मछलियों का सेवन नहीं करने की सलाह दी है। मछली खाने के बाद किसी तरह के असामान्य लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने को कहा गया है।
उप निदेशक मत्स्य, बस्ती मंडल आरके श्रीवास्तव ने कहा कि बाढ़ के दौरान नदियों में मिलने वाली अज्ञात या असामान्य मछलियों को लेकर लोगों को घबराने अथवा अफवाह फैलाने के बजाय सावधानी बरतनी चाहिए। मछली की सही प्रजाति और उसके सेवन की उपयुक्तता वैज्ञानिक परीक्षण के बाद ही निर्धारित की जा सकती है। ऐसी कोई मछली मिलने पर विभाग को सूचना दें, ताकि उसका नमूना लेकर आवश्यक परीक्षण कराया जा सके।
उन्होंने कहा कि मत्स्य विभाग द्वारा स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा आवश्यकता के अनुसार नमूने लेकर परीक्षण कराया जाएगा। जनस्वास्थ्य एवं मत्स्य संपदा की सुरक्षा के लिए आम लोगों और मछुआ समुदाय का सहयोग आवश्यक है।
अज्ञात या असामान्य मछली मिलने अथवा इससे संबंधित जानकारी देने के लिए उप निदेशक मत्स्य, बस्ती मंडल, बस्ती आरके श्रीवास्तव से मोबाइल नंबर 9627028655 पर संपर्क किया जा सकता है।
