दिलीप कुमार | बस्ती | 23 दिसंबर 2025
जनपद बस्ती के विद्युत उपकेंद्र नगर से संचालित ग्राम खरकाभारी में सड़क के बीचों-बीच खड़ा बिजली का खंभा लंबे समय तक ग्रामीणों के लिए खतरा बना रहा। ग्राम जिगिनियां से खरकाभारी को जोड़ने वाली पक्की सड़क के ठीक मध्य में लगे इस खंभे के कारण आए दिन हादसे की आशंका बनी रहती थी। हाल ही में एक व्यक्ति इस खंभे से टकराकर घायल भी हो गया था, जिसके बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया।
इस गंभीर समस्या को लेकर ग्राम निवासी अब्दुर रहीम खान ने अधिशासी अभियंता, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीएनएल) को प्रार्थना पत्र देकर खंभा हटाने की मांग की थी। शिकायत में स्पष्ट किया गया था कि यह खंभा सार्वजनिक सड़क पर स्थित है और लोगों की जान के लिए खतरा बना हुआ है।
हालांकि, विद्युत विभाग की ओर से जो लिखित जवाब आया, उसने सभी को हैरान कर दिया। विभाग ने यह कहते हुए कार्रवाई से पल्ला झाड़ लिया कि खंभा पूर्व से निर्मित लाइन का हिस्सा है, इसलिए इसे हटाने या स्थानांतरित करने का पूरा खर्च शिकायतकर्ता को स्वयं उठाना होगा। इसके साथ ही प्राक्कलन शुल्क, विवादरहित भूमि की खतौनी और अनापत्ति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की शर्त भी लगा दी गई।
ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि जनहित से जुड़ी हुई है। सार्वजनिक सुरक्षा से संबंधित शिकायत पर विभाग द्वारा शिकायतकर्ता से ही खर्च और औपचारिकताएं मांगना पूरी तरह अनुचित है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभाग ने जनहित के मुद्दे पर जिम्मेदारी लेने के बजाय पीड़ित को ही दोषी की तरह पेश किया।
मामले में 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र नगर के अवर अभियंता अनुज कुमार ने सफाई देते हुए कहा कि शिकायत को त्रुटिवश व्यक्तिगत प्रकरण समझकर रिपोर्ट दी गई थी। यदि इस प्रकार की शिकायत ग्राम प्रधान या किसी जनप्रतिनिधि द्वारा की जाती है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
काफी संघर्ष और कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार विद्युत विभाग ने सड़क के बीच वर्षों से लगे खंभे को स्थानांतरित कर दिया। स्थानीय निवासी इस्माइल खान ने बताया कि खंभा हटाने के दौरान विभाग की लापरवाही के कारण सड़क के बीच एक बड़ा गड्ढा बन गया, जो खुद एक नई दुर्घटना को दावत दे रहा था। जिम्मेदारी का परिचय देते हुए उन्होंने अपने स्तर से गड्ढे को पाटवाया, जिससे अब सड़क सुरक्षित हो सकी है।
ग्रामीणों ने राहत की सांस लेते हुए मांग की है कि भविष्य में इस तरह की जनसुरक्षा से जुड़ी समस्याओं पर विभाग को स्वतः संज्ञान लेकर त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि किसी को जान जोखिम में डालकर संघर्ष न करना पड़े।
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