दिलीप कुमार | कलवारी, बस्ती |
विद्युत उपकेंद्र कलवारी के अंतर्गत सहारनपुर गांव में चार दिन पूर्व देर रात एक अज्ञात वाहन की टक्कर से बिजली का पोल क्षतिग्रस्त होकर टूट गया। पोल टूटने से गांव की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे लगभग 30 परिवार अंधेरे में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। ठंड के मौसम में बिजली न होने से ग्रामीणों की परेशानियां और बढ़ गई हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि शाम ढलते ही गांव में घुप्प अंधेरा छा जाता है। मिट्टी का तेल उपलब्ध न होने के कारण ढिबरी या लालटेन से रोशनी की व्यवस्था भी संभव नहीं हो पा रही है। प्रकाश चौरसिया, फूलचंद जायसवाल, बसंत राम, राम लखन, दयाराम, मिठाई लाल सैनी, लक्ष्मी प्रसाद गुप्ता, राम आशीष चौरसिया, रामसेवक, पंचराम, राम केवल, गैस राम, पुद्दन और पूरन सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि बिजली न होने से बच्चों की पढ़ाई, बुजुर्गों की दिनचर्या और महिलाओं के घरेलू कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
मोबाइल फोन चार्ज न हो पाने से ग्रामीणों का संपर्क भी बाधित हो गया है। कई घरों में मोबाइल बंद पड़े हैं, जिससे आवश्यक सूचना, आपातकालीन संपर्क और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी तक पहुंच नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को टूटे पोल की जानकारी दी, लेकिन हर बार आश्वासन के सिवा कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि सहारनपुर गांव विद्युत उपकेंद्र कलवारी का अंतिम गांव है, जिसके चलते उपेक्षा की आशंका बनी रहती है। उन्होंने संबंधित विभाग से शीघ्र नया पोल लगवाकर विद्युत आपूर्ति बहाल कराने की मांग की है, ताकि ठंड के मौसम में ग्रामीणों को राहत मिल सके और सामान्य जनजीवन पटरी पर लौट सके।
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