कालेश्वर नाथ मंदिर के जलाशय में ज़हर की आशंका, जांच में सामने आई चौंकाने वाली वजहें

21 फरवरी, 2026 | कलवारी, बस्ती

बस्ती जिले के कलवारी में स्थित श्री कालेश्वर नाथ मंदिर परिसर में स्थित जलाशय में दर्जनों कुंतल मछलियों की मौत के मामले में शनिवार को जांच की गई। मत्स्य विभाग की प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि मछलियों की मौत का कारण तालाब का अत्यधिक प्रदूषण, तकनीकी खामियां और रखरखाव की कमी हो सकती है।

जांच के लिए मंदिर परिसर पहुंचे मत्स्य निरीक्षक तहसील बस्ती सदर वेंकटेश्वर त्रिपाठी ने बताया कि मछली पालन के लिए तालाब में सही वाटर इनलेट (पानी आने का रास्ता) और आउटलेट (पानी निकलने का रास्ता) प्रणाली बेहद जरूरी होती है। इनकी कमी से पानी की गुणवत्ता बिगड़ती है, ऑक्सीजन स्तर घटता है और तालाब में अमोनिया बढ़ जाता है, जो मछलियों के लिए जानलेवा साबित होता है।

मत्स्य निरीक्षक ने कहा कि तालाब की नियमित सफाई न होना, कूड़ा-कबाड़ और मंदिर की पूजन सामग्रियों का जलाशय में जमा होना भी मछलियों की मौत का बड़ा कारण रहा होगा। जांच में यह भी सामने आया कि तालाब में क्षमता से अधिक मछलियां थीं और पानी का पीएच लेवल आदर्श स्थिति में नहीं था। गंदे पानी के कारण अमोनिया बढ़ने से मछलियों की सामूहिक मौत हुई।

मंदिर के पुजारी आचार्य संस्कार शास्त्री ने बताया कि बीते एक सप्ताह में करीब छह कुंतल मृत मछलियों को दफन किया जा चुका है। तालाब में बदबू और गंदगी के चलते श्रद्धालु अब वहां जाने से कतराने लगे हैं, जिससे धार्मिक स्थल की पवित्रता भी प्रभावित हो रही है।

मत्स्य निरीक्षक वेंकटेश्वर त्रिपाठी ने कहा कि स्थानीय लोगों और मंदिर पुजारी को स्थिति से अवगत करा दिया गया है। विभाग की ओर से तालाब का पानी निकालकर उसे नए सिरे से वैज्ञानिक और सुरक्षित ढंग से तैयार करने में तकनीकी सहयोग दिया जाएगा।

स्थानीय लोग प्रशासन से त्वरित सफाई, जिम्मेदारों पर कार्रवाई और जलाशय के संरक्षण की मांग कर रहे हैं, ताकि मंदिर परिसर की स्वच्छता और आस्था दोनों की रक्षा हो सके।
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