राम मंदिर चढ़ावा घोटाले पर SIT की रिपोर्ट आज, चंपत राय और अनिल मिश्रा पर गिर सकती है बड़ी गाज


 



अयोध्या।
राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं तथा चोरी के मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) शनिवार को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपने जा रहा है। इस बहुचर्चित मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा की भूमिका भी जांच के दायरे में है, जिसके चलते उनके खिलाफ बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, SIT की जांच में मंदिर परिसर में रखे दानपात्रों से नकदी निकालने और उसकी गिनती की प्रक्रिया में गंभीर खामियां सामने आई हैं। जांच टीम को यह भी पता चला है कि श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए सोने-चांदी के आभूषणों और अन्य कीमती वस्तुओं का व्यवस्थित रिकॉर्ड नहीं रखा जा रहा था, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। बताया जा रहा है कि ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति पर विचार किया जा रहा है। इससे महासचिव चंपत राय के अधिकारों में कटौती या उन्हें पद से हटाने जैसी कार्रवाई भी संभव मानी जा रही है।

वहीं ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा से SIT ने मंदिर परिसर में कई घंटे तक पूछताछ की। उनसे चढ़ावे की गिनती, बैंक में जमा प्रक्रिया और कर्मचारियों की नियुक्तियों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सवाल किए गए।

जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अब तक करीब दो करोड़ रुपये की नकदी और सोना बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। साथ ही कम वेतन पाने वाले कुछ कर्मचारियों द्वारा हाल के महीनों में लाखों रुपये की संपत्ति खरीदने के तथ्य भी जांच एजेंसियों के संज्ञान में आए हैं।

सरकार का कहना है कि राम मंदिर जैसी आस्था के केंद्र में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। अब सबकी नजरें SIT की रिपोर्ट और उसके बाद सरकार द्वारा लिए जाने वाले फैसलों पर टिकी हैं।

Previous Post Next Post