10 स्वदेशी गायों की डेयरी यूनिट पर ₹11.80 लाख तक का अनुदान, महिला पशुपालकों के लिए 50% आरक्षण
उत्तर प्रदेश सरकार ने स्वदेशी गोपालन को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से संचालित 'मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना' के तहत आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 जुलाई 2026 कर दी है। पहले आवेदन की अंतिम तिथि 21 जुलाई निर्धारित थी। विभिन्न जिलों से पशुपालकों द्वारा आवश्यक दस्तावेज समय पर तैयार न हो पाने की शिकायतों के बाद सरकार ने आवेदन की समय-सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया।
स्वदेशी नस्लों के संरक्षण और डेयरी विकास पर फोकस
वर्ष 2023 में नन्द बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य गिर, साहीवाल और थारपारकर जैसी उच्च दुग्ध उत्पादन क्षमता वाली स्वदेशी गायों का संरक्षण एवं संवर्धन करना है। योजना के तहत पशुपालकों को 10 गायों की क्षमता वाली आधुनिक डेयरी यूनिट स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
योजना की कुल परियोजना लागत ₹23.60 लाख निर्धारित है, जिसमें राज्य सरकार 50 प्रतिशत यानी ₹11.80 लाख का अनुदान उपलब्ध कराती है। लाभार्थी को केवल 15 प्रतिशत राशि स्वयं निवेश करनी होगी, जबकि शेष 35 प्रतिशत राशि बैंक ऋण के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है। इच्छुक लाभार्थी चाहें तो बैंक ऋण लिए बिना अपनी हिस्सेदारी स्वयं भी लगा सकते हैं।
महिला पशुपालकों को मिलेगा विशेष लाभ
महिला सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए योजना के 50 प्रतिशत लाभ महिला पशुपालकों के लिए आरक्षित किए गए हैं, जिससे ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता का अवसर मिल सके।
तीन चरणों में मिलेगी सब्सिडी
सरकार द्वारा अनुदान की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में तीन चरणों में भेजी जाएगी—
प्रथम चरण (25%) – डेयरी भवन एवं आधारभूत ढांचा तैयार होने पर।
द्वितीय चरण (12.5%) – स्वीकृत स्वदेशी नस्ल की गायों की खरीद पूरी होने पर।
तृतीय चरण (12.5%) – कम से कम 10 गायों की संतति (बछड़ों) का सरकारी सत्यापन होने के बाद।
पुरानी नन्दिनी योजना से कैसे अलग?
दुग्धशाला विकास विभाग के अनुसार, पहले संचालित 'नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना' में 25 गायों की डेयरी यूनिट स्थापित की जाती थी, जिसकी लागत ₹62.50 लाख थी और यह योजना केवल 18 मंडल मुख्यालयों तक सीमित थी। वहीं 'मिनी नन्दिनी योजना' छोटे एवं मध्यम किसानों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है और इसे उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में लागू किया गया है।
ऐसे करें आवेदन
इच्छुक एवं पात्र पशुपालक 31 जुलाई 2026 की रात तक नन्द बाबा दुग्ध मिशन के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजों एवं पात्रता संबंधी जानकारी भी पोर्टल पर उपलब्ध है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अंतिम तिथि के बाद कोई आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा, इसलिए पात्र आवेदक समय रहते अपना आवेदन अवश्य पूरा कर लें।
