बस्ती जिले के कलवारी क्षेत्र में स्थित प्राचीन श्री कालेश्वर मंदिर परिसर में संत बाबा राम लखन दास जी की समाधि स्थल पर कूड़ा-कचरा फेंकने और पेशाब करने जैसी घटनाओं ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है। यह कृत्य हिंदू धर्म और संत परंपरा के प्रति गहरी आस्था रखने वाले लोगों के लिए अपमानजनक बताया जा रहा है।
हिंदू धर्मावलंबियों ने इस पर कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि यह न केवल आस्था पर कुठाराघात है बल्कि संतों-महात्माओं के सामाजिक योगदान को धूमिल करने की एक सोची-समझी साजिश जान पड़ती है। मंदिर समिति ने इस विषय में जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
मंदिर के वर्तमान पुजारी संस्कारी शास्त्री ने बताया कि “समाधि स्थल मंदिर परिसर के पिछले हिस्से में स्थित है, जहां की भूमि थोड़ी विवादित जरूर है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि वहां गंदगी फैलाई जाए या उसे अपवित्र किया जाए।” उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “लोग बाबा राम लखन दास की समाधि पर कूड़ा फेंकते हैं और वहां पेशाब तक कर देते हैं, यह कहते हुए मैं खुद शर्मिंदा हूं।”
मंदिर समिति के सदस्य मनोहर अग्रहरि ने बताया कि “करीब 25 वर्ष पूर्व समाधि स्थल के पास धर्मशाला निर्माण की नींव रखी गई थी, लेकिन कुछ लोगों ने उसे रुकवा दिया। यदि तब धर्मशाला बन गई होती तो यह स्थिति नहीं होती।” उन्होंने आगे कहा कि मंदिर परिसर की चारों ओर बाउंड्री वॉल बनवाना जरूरी है, ताकि धार्मिक स्थल की मर्यादा और स्वच्छता बनाए रखी जा सके।
समिति के सदस्य विनोद पांडेय ने कहा जो कुछ देख रहा हूं उसको कहना मुश्किल है। हम हिन्दुओं की आस्था पर चोट की जा रही है। हमारी प्रशासन से मांग है कि तत्काल मंदिर की सूचित और सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक के खंड कार्यवाहक कृष्ण विजयकांत ने कहा कि धार्मिक स्थल पर गंदगी लोगों की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचना निंदनीय है। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि इसे तत्काल साफ सुथरा कराया जाए। जिन लोगों ने समाधि स्थल के बगल धर्मशाला बनने से रोका था वे लोग हमेशा अपने धन बल से सामाजिक सौहार्द को बिगड़ने का प्रयास करते हैं।
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