बेलवाडाड़ गांव में दलित बस्ती तक जाने वाली 200 मीटर इंटरलॉकिंग सड़क पहली बरसात में टूटी, मोड़ पर खाई से बढ़ा खतरा


बस्ती। बहादुरपुर ब्लॉक की पकड़ी छब्बर पंचायत अंतर्गत बेलवाडाड़ गांव में बनी करीब 200 मीटर लंबी इंटरलॉकिंग सड़क पहली ही बरसात में उखड़कर खराब हो गई है। यह सड़क मोड़ पर पीडब्ल्यूडी (PWD) की मुख्य सड़क से जुड़ती है और वहीं से दलित बस्ती के सामने से होकर गुजरती है।

बरसात शुरू होते ही सड़क की इंटरलॉकिंग जगह-जगह से निकल गई और गड्ढों में कीचड़ भर गया। बड़े वाहनों जैसे चार पहिया और ट्रैक्टर-ट्रॉली का आवागमन बाधित हो गया है। वहीं, पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।

गंभीर बात यह है कि मोड़ के बगल की ज़मीन काफी नीचे धंस चुकी है, जिससे वहां खाई जैसी स्थिति बन गई है। राहगीरों का कहना है कि मोड़ से गुजरते समय गिरने का खतरा लगातार बना रहता है। शाम या रात के समय यह जोखिम और भी बढ़ जाता है क्योंकि सड़क पर सुरक्षा बैरिकेड या चेतावनी का कोई इंतज़ाम नहीं है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क दलित बस्ती तक पहुंचने का मुख्य मार्ग है और पूरे मोहल्ले के लिए जीवन रेखा जैसी है। लेकिन निर्माण में लापरवाही और घटिया सामग्री के चलते यह सड़क बरसात की पहली मार भी नहीं झेल पाई।

ग्रामीण दीपक कुमार ने कहा, “सड़क बनने के समय ही हमें अंदाज़ा था कि इसमें घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ है। पहली बरसात में सड़क उखड़ने से यह साफ हो गया।”

कुंवर  ने बताया, “दलित बस्ती के लोगों के लिए यही एकमात्र रास्ता है। खराब सड़क के कारण बच्चों और बुजुर्गों का आना-जाना बेहद मुश्किल हो गया है।”

वहीं, लालचंद का कहना है, “मोड़ के पास खाई जैसी स्थिति बन चुकी है। यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।”

राम बरन ने प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा, “ग्राम प्रधान और अधिकारियों को शिकायत दी गई है, लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। हम मांग करते हैं कि तुरंत सड़क की मरम्मत हो और मोड़ पर सुरक्षा व्यवस्था की जाए।”

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सुधार कार्य नहीं किया गया तो यह सड़क किसी बड़े हादसे की वजह बन सकती है।
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