कलवारी उपकेंद्र से जुड़े गांव शेखपुरा में अंधेरा! तमाम शिकायतों के बावजूद नहीं बदला गया हफ्तों से खराब ट्रांसफार्मर


ख़राब ट्रांसफार्मर

बस्ती जिले के शेखपुरा पंचायत अंतर्गत राजस्व ग्राम शेखपुरा में बीते 24 जुलाई को जला ट्रांसफार्मर आज एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी बदला नहीं जा सका है, जिससे पूरे गांव की बिजली आपूर्ति अब भी ठप है। तेज गर्मी और सिंचाई की जरूरतों के बीच ग्रामीणों को गंभीर संकट का सामना करना पड़ रहा है।

बीते हफ्ते विद्युत उपकेंद्र कलवारी के जेई प्रशांत कुमार ने जानकारी दी थी कि ट्रांसफार्मर जलने की सूचना के आधार पर वर्कशॉप को इंडेंट (मांग पत्र) भेजा जा चुका है और "कल शाम तक ट्रांसफार्मर बदल दिया जाएगा"। लेकिन शुक्रवार को जब विद्युत वितरण खंड द्वितीय के एक्सईएन से संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि "आज जेई से बात हुई है, उन्होंने बताया है कि कंप्लेंट आज मिला है, वर्कशॉप से संपर्क में हैं, आज शाम या कल तक ट्रांसफार्मर लग जाएगा।"

यह लगातार आश्वासन और कार्यान्वयन में देरी ग्रामीणों की पीड़ा को और गहरा कर रही है। जुलाई - अगस्त महीने में जारी भीषण गर्मी में गांव के पंखे, लाइटें, कूलर सब बंद पड़े हैं। रात में नींद हराम और दिन में राहत का कोई साधन नहीं बचा है।केवल घरेलू जीवन ही नहीं, खेती-किसानी पर भी गहरा असर पड़ा है। गांव में धान की फसलें कम बारिश के चलते पहले से ही संकट में हैं और अब बिजली से चलने वाले सिंचाई पंप बंद होने से फसलों को पानी देना संभव नहीं हो पा रहा है।
 
किसान अब कुआं या डीजल पंप का सहारा लेने को मजबूर हैं, जिससे खर्च और तनाव दोनों बढ़ गए हैं।ग्रामीणों — सूर्य प्रकाश चौधरी, राम मनोहर, जय सिंह, प्रेम प्रकाश चौधरी, राम बक्स चौधरी, श्याम नारायण चौधरी, रण विजय, शत्रुघ्न चौधरी, राम जीत चौधरी और डॉ. राम अधीन चौधरी ने एक स्वर में प्रशासन से तत्काल ट्रांसफार्मर बदलने और विद्युत आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। 

ग्रामीणों का कहना है कि अगर ट्रांसफार्मर जल्द नहीं बदला गया, तो वे धरना-प्रदर्शन को मजबूर होंगे।इस बीच बिजली विभाग का बार-बार टालने वाला रवैया सवालों के घेरे में है। संपूर्ण बिल जमा होने के बावजूद उपभोक्ता आज भी बिना बिजली के रह रहे हैं, जो व्यवस्था की गंभीर विफलता को उजागर करता है।
Previous Post Next Post