जनपद बस्ती के विद्युत उपकेंद्र नगर से संचालित ग्राम खरकाभारी में सड़क के बीचों-बीच खड़ा बिजली का खंभा ग्रामीणों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है, लेकिन इसे हटाने की शिकायत पर विद्युत विभाग ने हैरान करने वाला जवाब दिया है। विभाग ने न केवल कार्रवाई से पल्ला झाड़ लिया, बल्कि खंभा हटाने का पूरा खर्च और औपचारिकताएँ शिकायतकर्ता के सिर मढ़ दीं।
ग्राम निवासी गुलज़ार ख़ान ने अधिशासी अभियंता, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL) को IGRS प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि ग्राम जिगिनियां से खरका भारी को जोड़ने वाली पक्की सड़क के ठीक बीच खंभा खड़ा है, जिससे लोगों को भारी परेशानी होती है। हाल ही में एक व्यक्ति इस खंभे से टकराकर घायल भी हुआ।
शिकायत पर विभाग का लिखित जवाब आया कि चूँकि यह खंभा पूर्व से निर्मित लाइन का हिस्सा है, इसलिए इसे स्थानांतरित करने के लिए शिकायतकर्ता को स्वयं खंडीय कार्यालय में आवेदन करना होगा, प्राक्कलन शुल्क का भुगतान करना होगा और विवादरहित भूमि की खतौनी व अनापत्ति प्रमाण पत्र भी देना होगा।
ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक समस्या की शिकायत/सूचना देना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। इस पर शिकायतकर्ता या सूचितकर्ता की जरूरत समझकर उससे धन वसूली करना और विभाग द्वारा नियमविरुद्ध रिपोर्ट देना अन्यायपूर्ण है। उनका आरोप है कि विभाग ने जनहित के मुद्दे पर जिम्मेदारी लेने के बजाय पीड़ित को ही दोषी की तरह व्यवहार किया है।
गाँव के लोग मांग कर रहे हैं कि खंभे को तुरंत हटाकर सड़क को सुरक्षित बनाया जाए, ताकि भविष्य में किसी की जान न जाए।
इस मामले में 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र नगर के अवर अभियंता अनुज कुमार ने कहा कि इस शिकायत को त्रुटिवश व्यक्तिगत प्रकरण समझकर रिपोर्ट दी गई है। हम चाहते हैं कि ऐसी शिकायतों में ग्राम प्रधान, या अन्य जनप्रतिनिधि द्वारा शिकायत दी जाती है तो उस पर कार्यवाही की जाएगी।
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