बेलवाडाड़ में काली माता मंदिर तक रास्ता न होने से श्रद्धालुओं को परेशानी

प्राचीन काली माता मंदिर

विकासखण्ड बहादुरपुर अंतर्गत पकड़ी छब्बर पंचायत के राजस्व गांव बेलवाडाड़ में स्थित प्राचीन काली माता मंदिर और डीह बाबा स्थान तक जाने का रास्ता न होने से श्रद्धालुओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। लोग आज भी घास-फूस और झाड़ियों से घिरे कच्चे रास्तों से होकर मंदिर पहुंचते हैं। बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे इस कारण पूजा-पाठ करने में कठिनाई झेलते हैं।

गांव के कमल नयन मिश्र ने बताया कि काली माता मंदिर और डीह बाबा स्थान सदियों से गांव की आस्था का केंद्र हैं। नवरात्र और अन्य पर्वों पर यहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं, लेकिन प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने अब तक इस मंदिर तक पहुंचने के लिए स्थाई पक्का मार्ग बनाने पर ध्यान नहीं दिया।

ग्रामीण रवींद्र कुमार ने कहा कि श्रद्धालुओं को दूसरे की निजी जमीन से होकर मंदिर पहुंचना पड़ता है। हम चाहते हैं कि सरकारी जमीन से होकर एक स्थाई रास्ता निकाला जाए ताकि लोगों को किसी पर निर्भर न रहना पड़े।

डीह बाबा स्थान 

दीपक कुमार ने ग्राम प्रधान पर नाराज़गी जताते हुए कहा कि ग्रामीणों ने इस कार्य को परियोजना में शामिल करने के लिए काफी पहले लिखित प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। महिला श्रद्धालुओं को मंदिर जाने के लिए प्राथमिक विद्यालय के पीछे से होकर गुजरना पड़ता है। बरसात में यह रास्ता कीचड़ से भर जाता है और कई लोग फिसलकर चोटिल भी हो जाते हैं।

तारा, राम बरन, विद्यावती देवी, सपना, आरती अभिषेक सहित तमाम ग्रामीणों ने साफ-सुथरा और स्थायी मार्ग बनाने के साथ अलावा जिला प्रशासन से मंदिर का जीर्णोद्धार कराने की भी मांग की है।

इस संबंध में ग्राम प्रधान रामफेर से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया लेकिन कुछ स्पष्ट जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि "हम क्या बताएं?"


Previous Post Next Post