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| एक्सईएन अरुण सिंह को मिलकर पत्र देते जिला पंचायत सदस्य |
बस्ती, उत्तर प्रदेश 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र नगर अंतर्गत खरका भारी गांव में सड़क के बीच खड़ा बिजली का खंभा जो अब तक हादसों का कारण बना हुआ था और जिसकी शिकायत पर विभाग ने शिकायतकर्ता से ही खर्च माँग लिया था, उस मामले ने अब तूल पकड़ लिया है।
ग्राम जिगिनियां से खरका भारी को जोड़ने वाली पक्की सड़क के ठीक बीच खंभा खड़ा है, जिससे लोगों को भारी परेशानी होती है। खबर फैलने के बाद ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने विद्युत विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की माँग तेज कर दी है।
जिला पंचायत सदस्य राजेश पटेल ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लि. बस्ती के एक्सईएन अरुण सिंह को मिलकर पत्र दिया और कहा कि "यह खंभा आमजन की जान के लिए खतरा है। हाल ही में एक व्यक्ति घायल हो चुका है। विभाग का यह कहना कि शिकायतकर्ता ही खर्च उठाए, पूरी तरह अन्यायपूर्ण और अमानवीय है। सड़क के बीच खड़े खंभे को तकनीकी दृष्टि से खतरनाक मानते हुए तत्काल हटाया जाए।"
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्यवाही नहीं हुई तो ग्रामीण आंदोलन को बाध्य होंगे और इसकी जिम्मेदारी विभाग की होगी। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य,अब्दुर रहीम ख़ान, सहित बबुरहिया निवासी रवि, चंदू भी मौजूद रहे।
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| पत्र |
अब्दुर रहीम ख़ान ग्राम मक़दूमपुर ने भी साफ कहा है कि यह समस्या किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि पूरे गांव की है। खंभे को हटाने में यदि देरी हुई तो किसी बड़े हादसे की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
इस मामले में एक्सईएन अरुण सिंह ने बताया कि जिला पंचायत सदस्य और ग्रामीणों के द्वारा पत्र दिया गया है। मामला संज्ञान में है, जांच करा रहे हैं।

