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| मंदिर के मुख्य पुजारी आशाराम के साथ मौजूद लोग |
बस्ती, उत्तर प्रदेश। कलवारी थाना क्षेत्र में लगातार हो रही चोरियों से आक्रोशित शेखपुरा हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी आशाराम ने बुधवार सुबह आमरण अनशन शुरू कर दिया। वे तपती धूप में बिना वस्त्रों के बैठे रहे और कहा, “अब हमें केवल ईश्वर पर भरोसा है, पुलिस पर नहीं। यदि न्याय नहीं मिला तो प्राण त्याग दूंगा।”
पुजारी ने बताया कि दो दिन पहले भी मंदिर से सीलिंग फैन चोरी हुआ था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मंगलवार रात की चोरी के बाद उनका धैर्य टूट गया और उन्होंने अनशन का रास्ता अपनाया।
ग्रामीण प्रेम प्रकाश चौधरी ने कहा कि “कलवारी क्षेत्र में चोरों पर पुलिस का खौफ खत्म हो चुका है। हाल ही में शेखपुरा से एक ही रात में कई लिस्टर पंप चोरी हुए और एक गरीब की भैंस काट ली गई, लेकिन पीड़ितों को मदद नहीं मिली।”
कृष्ण मुरारी गुप्ता ने कहा कि “मंदिर में हो रही चोरियों के पीछे आस-पास के लोगों का ही हाथ है, लेकिन पुलिस उन्हें पकड़ने में नाकाम रही है। हम निष्पक्ष जांच चाहते हैं।”
ट्री इनिशिएटिव्स सोसाइटी के संस्थापक सदस्य और गन्ना किसान प्रतिनिधि राम कृष्ण पटेल ने प्रशासन को चेताया कि “यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो पुजारी की जान खतरे में पड़ सकती है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को तुरंत सक्रिय होना चाहिए।”
ग्रामीण रणविजय, संदीप पांडे और रामकुमार अग्रहरि ने भी पुलिस की निष्क्रियता पर नाराज़गी जताई।
पुलिस अधीक्षक बस्ती के निर्देश के बाद थानाध्यक्ष कलवारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मंदिर में नया पंखा और बिजली के बल्ब की व्यवस्था कराई और पुजारी से अनशन तोड़ने का अनुरोध किया। ग्रामीणों की उपस्थिति और समझाने-बुझाने के बाद दोपहर करीब 2 बजे पुजारी ने एक फल (सेब) खाकर अनशन समाप्त किया।
हालांकि, पुजारी आशाराम ने स्पष्ट कहा कि “चोर अभी तक पकड़े नहीं गए हैं। असली काम अपराधियों को पकड़ना है।” इस पर थानाध्यक्ष ने शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया।
