बस्ती। बहादुरपुर विकासखंड के गौसपुर में स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में चिकित्सक नदारद रहने से स्वास्थ्य सेवाएं ठप पड़ी हुई हैं। पिछले दो दिनों से मरीजों को बिना इलाज और दवा के ही वापस लौटना पड़ रहा है। ग्रामीणों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गहरी नाराजगी है।
इस चिकित्सालय में एक फार्मासिस्ट और एक स्वच्छता कर्मी के सहारे ही व्यवस्था चल रही थी, लेकिन फिलहाल फार्मासिस्ट राम नारायण चौधरी भी दो दिनों से ड्यूटी पर नहीं आए। शुक्रवार को मौजूद स्वच्छता कर्मी नरेंद्र वर्मा ने बताया, “हम नियमित आते हैं लेकिन हम मरीजों को दवा नहीं दे सकते। मरीज आते हैं तो उन्हें वापस कर दिया जाता है। दवाओं की भी कमी है, किसी तरह काम चलाया जा रहा था।”
दवा के लिए शेखपुरा से आए मरीज जयप्रकाश ने बताया कि उन्हें पेट संबंधी दवा की आवश्यकता थी लेकिन डॉक्टर और फार्मासिस्ट न होने के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। एक अन्य मरीज ने कहा, “पहले यहां अच्छी दवा मिलती थी लेकिन अब न डॉक्टर हैं, न जरूरी दवाएं। हमें दूसरे गांव या प्राइवेट क्लीनिक पर जाना पड़ता है।”
इस मामले में आयुर्वेद के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. पूजा वर्मा ने बताया, “फार्मासिस्ट दो दिनों से मेडिकल लीव पर हैं। उनके स्थान पर दूसरे डॉक्टर की नियुक्ति की गई है, लेकिन वे भी किसी कारण से आज नहीं पहुंच पाए। कल से मरीजों को उपचार उपलब्ध हो जाएगा।”
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इस चिकित्सालय में नियमित डॉक्टर और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि ग्रामीणों को समय पर उपचार मिल सके और उन्हें निजी क्लीनिक का सहारा न लेना पड़े।
Tags
बस्ती