दिलीप कुमार | बस्ती | 27 अक्टूबर 2025
लखनऊ/बस्ती। कुसौरा गन्ना क्रय केंद्र के किसानों की मांग पर सोमवार को क्षेत्रीय गन्ना किसान प्रतिनिधि रामकृष्ण पटेल ने गन्ना आयुक्त मिनिस्टी एस. को लखनऊ स्थित कार्यालय में शिकायत पत्र सौंपा। किसानों ने अपनी इच्छा के विपरीत उन्हें रूधौली चीनी मिल से संबद्ध किए जाने के निर्णय का विरोध करते हुए पुनः मुंडेरवा चीनी मिल से जोड़े जाने की मांग की।
किसानों का कहना है कि रूधौली मिल से जुड़ने पर उन्हें न तो समय पर भुगतान मिलता है और न ही तौल प्रक्रिया पारदर्शी रहती है। इसके अलावा, मिल में पिछले वर्षों से अनियमितता, भ्रष्टाचार और किसानों की शिकायतों की अनदेखी जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। इसके बावजूद, सहकारी गन्ना विकास समिति ने किसानों की राय के विपरीत प्रस्ताव भेज दिया।
इस मामले पर गन्ना आयुक्त मिनिस्टी एस. ने किसान प्रतिनिधि को जवाब देते हुए कहा, “सभी प्रशासनिक और विभागीय निर्णय पहले ही लिए जा चुके हैं। अब यदि कोई मिल या समिति इस पर आपत्ति रखना चाहती है, तो वह शासन स्तर पर अपील दायर कर सकती है।”
किसान प्रतिनिधि रामकृष्ण पटेल ने बताया कि उन्होंने आयुक्त को यह भी अवगत कराया कि सांसद, विधायक, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और सामाजिक संगठनों द्वारा महीनों पहले किसानों के समर्थन में पत्र भेजे गए थे, लेकिन उन तर्कों और जनप्रतिनिधियों की सिफारिशों को नज़रअंदाज़ कर दिया।
पटेल ने बताया कि बातचीत के दौरान गन्ना आयुक्त ने कहा कि “हम पहले चीनी मिलों के हित को ध्यान में रखेंगे, वरना मिलें बंद हो जाएंगी।” इस टिप्पणी से किसान प्रतिनिधि और भी नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि “यदि विभाग किसान हितों को दरकिनार कर केवल मिलों का पक्ष देखेगा, तो यह नाइंसाफी है।”
किसान प्रतिनिधि ने गहरी निराशा और आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर पुनर्विचार नहीं किया गया, तो वे उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए बाध्य होंगे।
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