सैफाबाद में 2,488 करोड़ की टंकी से लीकेज, जलजीवन मिशन के काम पर उठे सवाल, जिम्मेदार चुप, ग्रामीणों में बढ़ी नाराजगी

दिलीप कुमार । बहादुरपुर। बस्ती 07 दिसंबर 2025

बस्ती। बहादुरपुर विकास खंड के ग्रामसभा सैफाबाद में जलजीवन मिशन के तहत लगभग ढाई करोड़ रुपये की लागत से बनी पानी की टंकी में गंभीर लीकेज सामने आने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। करोड़ों रुपये की लागत वाली यह संरचना शुरू होने से पहले ही क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य शुरुआत से ही संदिग्ध था। कई बार गुणवत्ता पर आपत्ति जताई गई, लेकिन शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया गया। अब लीकेज की समस्या सामने आने के बाद ग्रामीणों की आशंकाएं सही साबित हो रही हैं।

मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार टंकी के निचले हिस्से से लगातार पानी रिस रहा है, जिससे आसपास जलभराव हो रहा है। इससे न केवल सरकारी धन की बर्बादी हो रही है, बल्कि टंकी के ढहने का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई, तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।

जब विभागीय अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो किसी ने भी जवाब देना उचित नहीं समझा। एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ था, लेकिन उच्चस्तरीय दबाव के कारण कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी। वहीं ठेकेदार और संबंधित एजेंसी ने भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

ऑपरेटर पद पर नियुक्त सतीश सिंह ने बताया कि टंकी चालू हुए एक साल हो चुका है, लेकिन पूरे गांव में आज तक पानी की सप्लाई शुरू नहीं हुई है। इंजीनियर जब भी आते हैं, दो दिन का समय मांगकर चले जाते हैं। करोड़ों की लागत की टंकी होने के बावजूद सप्लाई आज भी डायरेक्ट पाइप के माध्यम से की जा रही है।

2.488 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना के बारे में गांव के निवासी उमेश कुमार ने बताया कि गांव में जगह-जगह पाइप लाइन लीक हो रही है, जिससे गलियों में भारी कीचड़ जमा हो गया है। कीचड़ और फिसलन के कारण ग्रामीण आए दिन गिरकर घायल हो रहे हैं और रास्तों से गुजरना बेहद मुश्किल हो गया है।

सरकारी अभिलेखों में दर्ज विवरण—

कार्य आरंभ तिथि: 11/10/2022

कार्य पूर्ण तिथि: 09/04/2024

निर्माण फर्म: मे. मेगा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड


ग्रामीणों का कहना है कि जलजीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजना में लापरवाही से गांव को लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने मांग की है कि टंकी निर्माण की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और लीकेज एवं पाइपलाइन की समस्या को तत्काल दूर किया जाए।

ग्रामीणों का साफ कहना है कि यदि समय रहते समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया तो बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी उन्हीं अधिकारियों और एजेंसियों की होगी जो आज जवाब देने से बच रहे हैं।

Previous Post Next Post