कलवारी में एनएच–28 के पास शराब दुकानों के विरोध में ग्रामीणों की मुहिम तेज, जिलाधिकारी को भेजा जाएगा पत्र


दिलीप कुमार | कलवारी | बस्ती 14 दिसंबर 2025

बस्ती जिले के कलवारी क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग–28 से पड़री–शेखपुरा गांव को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित शराब दुकानों के विरोध में ग्रामीणों की आवाज अब संगठित रूप लेती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि ये दुकानें नियमों के विरुद्ध हाईवे से मात्र 200 से 300 मीटर की दूरी पर खोली गई हैं और अव्यवस्थित व नियमविरुद्ध तरीके से संचालित की जा रही हैं। इससे सड़क जाम, दुर्घटनाओं और सामाजिक तनाव की स्थिति लगातार बनी रहती है।

इसी क्रम में ट्री इनिशिएटिव्स सोसाइटी द्वारा जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। संस्था के सदस्यों ने घर-घर जाकर ग्रामीणों, किसानों और महिलाओं से मुलाकात की और उन्हें समस्या की गंभीरता से अवगत कराया। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि शराब दुकानों के सामने प्रतिदिन शराबियों की भीड़ लगी रहती है, जिससे मुख्य मार्ग पर जाम लग जाता है और राहगीरों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। महिलाओं और बच्चों का आवागमन भी प्रभावित हो रहा है, वहीं दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।

ट्री इनिशिएटिव्स सोसाइटी के संस्थापक सदस्य बालकृष्ण पटेल ने बताया कि यह केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा और ग्रामीण शांति से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि “ग्रामीणों की सहमति और समर्थन से जिलाधिकारी को संयुक्त पत्र भेजा जाएगा, जिसमें नियमविरुद्ध तरीके से संचालित शराब दुकानों को तत्काल बंद करने अथवा किसी सुरक्षित व उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की जाएगी।”

अभियान में शामिल महिलाओं ने बताया कि शाम के समय उस मार्ग से गुजरना मुश्किल हो जाता है। कई बार शराबियों के बीच विवाद और मारपीट की स्थिति बन जाती है, जिससे भय का माहौल रहता है। किसानों ने भी कहा कि गन्ना लदी ट्रॉलियों और अन्य वाहनों का आवागमन बाधित होता है, जिससे आर्थिक नुकसान हो रहा है।

कलवारी में स्थित श्री कालेश्वर मंदिर में सुबह शाम जाने वाली महिलाओं ने बताया कि वे असुरक्षित महसूस करती हैं। ग्रामीणों और महिलाओं को उम्मीद है कि जिलाधिकारी स्तर पर जांच कर नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यह मुहिम पूरी तरह शांतिपूर्ण और जनहित से जुड़ी है। यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। अभियान को ग्रामीणों, किसानों और महिलाओं का पूरा समर्थन मिल रहा है, जिससे साफ है कि शराब दुकानों के खिलाफ जनदबाव लगातार बढ़ रहा है।
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