JLTRC इंटर कॉलेज में बालिकाओं के प्रवेश पर लगी रोक का खुलासा, जांच में स्पष्ट—लड़कियां भी ले सकती हैं दाखिला


दिलीप कुमार | कलवारी, बस्ती | 14 दिसंबर 2025

बस्ती। उत्तर प्रदेश सरकार के मिशन शक्ति अभियान के बीच कलवारी क्षेत्र से शिक्षा में लैंगिक भेदभाव का गंभीर मामला सामने आया है। झिनकू लाल त्रिवेणी राम चौधरी (JLTRC) इंटर कॉलेज में दशकों से बालिकाओं को प्रवेश न दिए जाने का आरोप सामने आने के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक स्तर से कराई गई जांच में स्पष्ट किया गया है कि यह विद्यालय को-एजुकेशन के लिए मान्यता प्राप्त है और इसमें लड़कियां भी प्रवेश ले सकती हैं।

वर्ष 1957 में को-एजुकेशनल मान्यता प्राप्त इस विद्यालय में दशकों से किसी भी छात्रा को प्रवेश न दिए जाने का मामला गैर-लाभकारी संस्था ट्री इनिशिएटिव्स सोसाइटी के प्रबंधक दीपक कुमार द्वारा जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के संज्ञान में लाया गया था। शिकायत के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक ने जांच अधिकारी नियुक्त किया, जिसकी आख्या 26 नवंबर को प्रस्तुत की गई। जांच रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि विद्यालय में बालिकाओं के प्रवेश पर कोई प्रतिबंध नहीं है और अभिभावक अपनी बेटियों का दाखिला करा सकते हैं।

हालांकि, जांच रिपोर्ट सामने आने के बावजूद यह तथ्य भी उजागर हुआ कि वर्षों तक बालिकाओं का प्रवेश न होना विद्यालय प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि लड़कियों को प्रवेश न मिलने के कारण उन्हें महंगे निजी विद्यालयों में पढ़ने या पढ़ाई छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।

स्थानीय निवासी देवानंद शुक्ल ने आरोप लगाया कि विद्यालय प्रबंधन ने बालिकाओं के लिए अलग निजी स्कूल संचालित कर ऊंची फीस वसूली, जो शिक्षा के अधिकार और सरकारी नीतियों के खिलाफ है। छात्रा प्रतीक्षा कुमारी ने बताया कि कई लड़कियों ने प्रवेश के लिए गुहार लगाई, लेकिन उन्हें लौटा दिया गया, जिससे कुछ को पढ़ाई छोड़नी पड़ी।

ग्रामीण महिलाओं और अभिभावकों में जांच रिपोर्ट के बाद उत्साह देखा गया है। उनका कहना है कि यदि नए सत्र से बालिकाओं का प्रवेश वास्तव में शुरू होता है तो क्षेत्र की अधिकांश छात्राएं सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए इसी कॉलेज में दाखिला लेंगी। एक दिव्यांग बच्ची के अभिभावक ने कहा कि मुफ्त या कम खर्च में शिक्षा मिलने से उनकी बेटी को भी पढ़ने का अवसर मिलेगा।

ट्री इनिशिएटिव्स सोसाइटी के प्रबंधक दीपक कुमार ने कहा कि अब प्रशासन की जिम्मेदारी है कि जांच रिपोर्ट के निष्कर्षों को जमीन पर लागू कर मिशन शक्ति के उद्देश्यों को साकार किया जाए।
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