दिलीप कुमार | बहादुरपुर | 13 दिसंबर 2025
बस्ती। प्रदेश सरकार जहां ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है, वहीं विकास खंड बहादुरपुर की ग्राम पंचायत शेखपुरा में तैनात सफाई कर्मी सूरज चक्रवर्ती ने अपनी अनोखी सोच और मेहनत से स्वच्छता अभियान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया है। उनकी पहल न केवल गांव को साफ-सुथरा बनाने में सफल रही है, बल्कि इससे ग्राम पंचायत की आय भी बढ़ी है, जो अन्य पंचायतों के लिए एक प्रेरणास्रोत बन गई है।
सफाई कर्मी सूरज चक्रवर्ती स्वच्छता के प्रति अपनी निष्ठा और नवाचार के लिए क्षेत्र में पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने तैनाती गांव शेखपुरा को स्वच्छ रखने के लिए ग्रामीणों को लगातार जागरूक किया। विशेष रूप से प्लास्टिक और पॉलीथीन के दुष्प्रभावों को लेकर उन्होंने गांव में प्लास्टिक मुक्त अभियान की शुरुआत की। इस अभियान के तहत उन्होंने कभी प्लास्टिक से कलाकृतियां बनाकर लोगों को जागरूक किया तो कभी ग्रामीणों द्वारा फेंके गए प्लास्टिक कचरे को एकत्र कर उसका सही उपयोग किया।
सूरज ने गांव में एक अनोखी योजना की शुरुआत की, जिसमें ग्रामीणों को प्लास्टिक और पॉलीथीन के बदले पुरस्कार देने की व्यवस्था की गई। पहले जो कचरा लोगों की नजर में बेकार और गड्ढों में फेंकने लायक था, वही उनकी पहल से अब लोगों के लिए उपयोगी बन गया। धीरे-धीरे ग्रामीणों की सोच में बदलाव आया और लोग स्वयं पॉलीथीन व प्लास्टिक जमा कर पंचायत को देने लगे।
सफाई कर्मी सूरज पंचायत भवन के एक कमरे में एकत्र किए गए प्लास्टिक और पॉलीथीन की छंटाई करते हैं। काफी प्रयास के बाद उन्होंने एक खरीदार खोजा और लगभग 40 किलोग्राम पॉलीथीन को 10 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेच दिया। इससे प्राप्त धनराशि को उन्होंने ग्राम पंचायत को आत्मनिर्भर बनाने की सोच के तहत पंचायत के ओएसआर (OSR) खाते में जमा कराया। यही नहीं, इसी प्लास्टिक कचरे से प्राप्त धन से उन्होंने जरूरतमंद और गरीब लोगों की सहायता भी की।
सफाई कर्मी सूरज चक्रवर्ती के इस सराहनीय कार्य को देखते हुए उन्हें कई बार जिलाधिकारी बस्ती द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। साथ ही पंचायत राज निदेशालय, लखनऊ में भी उनके कार्यों की प्रशंसा करते हुए उन्हें सम्मान मिला है। सूरज की यह पहल यह साबित करती है कि यदि सोच सकारात्मक हो तो साधारण प्रयास भी बड़े बदलाव का कारण बन सकते हैं।
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