दिलीप कुमार | बस्ती | 17 दिसंबर 2025
बजाज चीनी मिल रुधौली के इकाई प्रमुख डॉ. जे.पी. त्रिपाठी ने गुरुवार को क्षेत्र के विभिन्न गन्ना क्रय केंद्रों का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने करहली, कुसौरा, बहादुरपुर, गौसपुर, घोसियापुर, डिंगरापुर, ऊंजी एवं नरहरपुर स्थित गन्ना क्रय केंद्रों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मौके पर मौजूद गन्ना कृषकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। किसानों द्वारा उठाई गई समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए।
डॉ. जे.पी. त्रिपाठी ने कहा कि चीनी मिल और गन्ना कृषक एक-दूसरे के पूरक हैं। किसानों की मेहनत से ही मिल का संचालन संभव है, इसलिए उनकी समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान मिल की प्राथमिकता है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे साफ, ताजा और गुणवत्तापूर्ण गन्ने की आपूर्ति करें, जिससे चीनी उत्पादन बेहतर हो सके और मिल की क्षमता में वृद्धि हो। उन्होंने यह भी बताया कि किसानों का भुगतान निरंतर किया जा रहा है तथा भविष्य में भी भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाए रखने के लिए मिल प्रबंधन प्रतिबद्ध है।
इकाई प्रमुख ने किसानों को जानकारी दी कि बजाज चीनी मिल द्वारा किसान हित में कई लाभकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना और उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ना है। उन्होंने किसानों से इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सीनियर गन्ना अधिकारी बाल सिंधु गगन पांडे ने कहा कि कृषक अधिक से अधिक क्षेत्रफल में गन्ने की बुवाई करें। उन्होंने बताया कि गन्ना एक प्रमुख नगदी फसल है, जिस पर प्राकृतिक आपदाओं और बाढ़ का अपेक्षाकृत कम प्रभाव पड़ता है। कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए गांव-गांव ग्राम कृषक गोष्ठियों का आयोजन कर किसानों को जागरूक किया जा रहा है।
उन्होंने प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप गन्ने के साथ सहफसली खेती अपनाने की सलाह दी। सहफसली खेती से किसानों की आय दोगुनी करने में मदद मिल सकती है। वर्तमान समय में धनिया, पालक, मूली, शलजम, चुकंदर, बैंगन, राजमा, गोभी, टमाटर और आलू जैसी फसलों की खेती कर अतिरिक्त आमदनी प्राप्त की जा सकती है।
सीनियर गन्ना अधिकारी ने यह भी बताया कि जो कृषक पहली बार गन्ने की बुवाई करना चाहते हैं और आर्थिक रूप से कमजोर हैं, उन्हें चीनी मिल द्वारा गन्ना बीज उपलब्ध कराया जाएगा। बीज का भुगतान तोल पर्ची आने के बाद लिया जाएगा। ऐसे इच्छुक कृषक अपने नाम संबंधित गन्ना क्रय केंद्र पर दर्ज कराएं, ताकि समय से बीज उपलब्ध कराया जा सके।
निरीक्षण के दौरान जोन इंचार्ज जगबीर शाही, क्षेत्रीय अधिकारी प्रवीण सिंह एवं रणजीत सिंह, फील्ड सुपरवाइजर मदन मोहन पांडे तथा लक्ष्मी उपाध्याय सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। किसानों ने मिल प्रबंधन की इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि इससे उनकी समस्याओं का समाधान और आय में वृद्धि सुनिश्चित होगी।