सरकारी अस्पताल में बाहर की दवा लिखने का आरोप, ओपेक चिकित्सालय कैली का मामला आया सामने


बस्ती। जनपद बस्ती के सरकारी अस्पतालों में बाहर की महंगी दवाएं लिखे जाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला ओपेक चिकित्सालय कैली, बस्ती का सामने आया है, जहां डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवाओं की पर्ची सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। आरोप है कि एक गरीब महिला को अपने पति के टीबी इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में उपलब्ध दवा न देकर प्राइवेट मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने को मजबूर किया गया।

जानकारी के अनुसार, सोमवार को क्षय रोग से पीड़ित मरीज के इलाज के लिए डॉक्टर ने बाहर की दवाएं लिख दीं, जिसके बाद महिला को मेडिकल स्टोर से एक बार की दवा के लिए 299 रुपये खर्च करने पड़े। महिला का कहना है कि वह पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रही है और सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज व दवा की उम्मीद लेकर गई थी, लेकिन वहां से बाहर की दवा लिखे जाने से उसकी परेशानी और बढ़ गई।

मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर दवा की पर्ची वायरल होने लगी । इस संबंध में जिलाधिकारी बस्ती कृत्तिका ज्योत्सना ने कहा कि प्रकरण को दिखवाया जा रहा है। उन्होंने सरकारी अस्पतालों में बाहर की दवा लिखने के प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए कार्यवाही की बात कही। 

जिलाधिकारी द्वारा संज्ञान लिए जाने के बाद अस्पताल के डॉक्टर राहुल सिंह ने मामले ने महिला से खरीदी गई दवाओं को मेडिकल स्टोर पर वापस करने के लिए कह दिया लेकिन उसका कोई विकल्प नहीं बताया। आगे उन्होंने कहा कि जो दवाएं यहां हैं वही दी जाएंगी।

इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में दवा व्यवस्था और मरीजों के शोषण के सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि गरीब मरीज सरकारी अस्पताल इसलिए आते हैं ताकि उन्हें मुफ्त और सस्ता इलाज मिल सके, लेकिन बाहर की महंगी दवाएं लिखे जाने से उनका भरोसा टूट रहा है।
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