बस्ती। जहां ग्रामीण क्षेत्रों में साफ-सफाई को लेकर अक्सर शिकायतें सामने आती हैं, वहीं विकास खंड बहादुरपुर की ग्राम पंचायत शेखपुरा में तैनात सफाई कर्मी सूरज की पहल मिसाल बन रही है। सूरज गांव में घर-घर जाकर कचरा संग्रहण करते हैं और छंटाई के बाद बिकने योग्य कचरे को बेचकर प्राप्त धनराशि ग्राम पंचायत के ओएसआर खाते में जमा कराते हैं।
विशेष बात यह है कि जिन घरों से कचरा एकत्र किया जाता है, वहां के ग्रामीण कचरा ठेले पर लगे क्यूआर कोड के माध्यम से स्वेच्छा से पंचायत राजस्व में आर्थिक सहयोग भी कर रहे हैं। शेखपुरा निवासी सूर्य प्रकाश का कहना है कि यह सोच सफाई कर्मी सूरज चक्रवर्ती के अपने दायित्वों के प्रति जिम्मेदार और ईमानदार निर्वहन का परिणाम है।
जो ग्रामीण अपने मोबाइल फोन पर यूपीआई का उपयोग नहीं करते, उनके लिए पंचायत में एक गुल्लक भी रखी गई है, जिसमें ग्रामीण स्वेच्छा से नकद राशि जमा कर सकते हैं। महीने भर में एकत्रित धनराशि को गांव के सीएससी सेंटर के माध्यम से पंचायत कोष में जमा कराया जाता है। पहल की शुरुआत से अब तक ग्रामीण 900 रुपये से अधिक की धनराशि जमा कर चुके हैं, जिससे ग्राम पंचायत की आय में वृद्धि हो रही है।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अमरनाथ चौधरी का कहना है कि ग्रामीणों से प्राप्त राशि का उपयोग पंचायत की स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाने में किया जाता है।
इसके अतिरिक्त, प्रत्येक शनिवार सूरज चक्रवर्ती 2 किलोग्राम पॉलीथीन कचरा ठेले पर देने वाले ग्रामीणों को स्वच्छता से जुड़ी उपयोगी वस्तुएं उपहार स्वरूप देकर प्रोत्साहित करते हैं।
सफाई कर्मी सूरज की यह पहल न केवल ग्राम पंचायत को आर्थिक रूप से मजबूत बना रही है, बल्कि स्वच्छता के प्रति जनभागीदारी बढ़ाने का भी प्रेरक उदाहरण बन रही है।
